ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान पर फिर से हमले शुरू कर सकता है ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान के साथ किसी समझौते की रूपरेखा के बारे में बताया गया है, लेकिन वह अभी उसकी समीक्षा कर रहे हैं हालांकि उन्होंने कहा कि वो इसे स्वीकार करने लायक नहीं मानते है
मियामी के लिए रवाना होने से पहले फ़्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में एक पत्रकार के सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, "इस बात की संभावना है कि अमेरिका ईरान के ख़िलाफ़ अपने हमले फिर से शुरू कर सकता है."
शनिवार को मियामी के लिए रवाना होने से पहले फ़्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में एक पत्रकार के सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, "इस बात की संभावना है कि अमेरिका ईरान के ख़िलाफ़ अपने हमले फिर से शुरू कर सकता है."
इससे पहले, ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा था कि ईरान ने जंग को स्थायी रूप से ख़त्म करने के मक़सद से पाकिस्तान को मध्यस्थ के रूप में अपना प्रस्ताव पेश किया चुका है और अब 'यह मामला अमेरिका के हाथों में है कि वह कूटनीति का रास्ता अपनाए या टकराव वाली नीति जारी रखे.'
उन्होंने कहा, "अब गेंद अमेरिका के पाले में है और ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए दोनों रास्तों के लिए हमेशा तैयार है."
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उधर, ट्रंप ने कहा , "मैं जल्द ही उस योजना की समीक्षा करूंगा जो ईरान ने अभी हमें भेजी है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि उसे स्वीकार किया जा सकता है, क्योंकि पिछले 47 सालों में इंसानियत और दुनिया के साथ जो उन्होंने किया है, उसके लिए ईरान अभी तक पर्याप्त बड़ी क़ीमत नहीं चुकाई है."
फ़्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में जब पत्रकार ने पूछा कि क्या वह ईरान पर फिर से हमले शुरू कर सकते हैं, तो ट्रंप ने कहा, "मैं यह नहीं कहना चाहता. मेरा मतलब है, मैं किसी पत्रकार को यह नहीं बता सकता. अगर वे ग़लत व्यवहार करते हैं, तो अभी हम देखेंगे. लेकिन यह एक संभावना है जो हो सकती है."ईरान की अर्द्ध -सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स के मुताबिक़, ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने शनिवार को कहा था कि 'जंग फिर से शुरू होने की संभावना ज़्यादा' है.
वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मोहम्मद जाफ़र असदी ने कहा, "अमेरिकी अधिकारियों की कार्रवाई और बयानबाज़ी काफ़ी हद तक मीडिया केंद्रित है. इसका पहला मकसद तेल की क़ीमतों में गिरावट रोकना और दूसरा मकसद उस मुश्किल स्थिति से निकलना है, जिसे उन्होंने ख़ुद अपने लिए पैदा किया है."
ईरानी शूरा परिषद की पुनर्निर्माण समिति के प्रमुख मोहम्मद रज़ा रेज़ाई ने कहा है कि परमाणु हथियार हासिल करने की तुलना में होर्मुज स्ट्रेट का प्रबंधन और नियंत्रण करना अधिक महत्वपूर्ण है.ईरान के सरकारी टीवी चैनल अल-आलम के अनुसार, रेज़ाई ने कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट पर नियंत्रण हासिल करना ईरानी जनता की मांग है और हम इस अधिकार को नहीं छोड़ेंगे.
ईरान के एक सांसद के अनुसार, होर्मुज़ स्ट्रेट प्रबंधन योजना के तहत जहाज़ों से लिए गए टोल का 30 प्रतिशत सैन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ख़र्च किया जाएगा.फ़्लोरिडा में एक रैली के दौरान कहा, "हमने जहाज़ पर चढ़कर उस पर कब्ज़ा कर लिया. हमने उसके माल और तेल पर नियंत्रण कर लिया. यह बहुत ही लाभदायक व्यवसाय है."
वहां मौजूद लोगों की तालियों के बीच उन्होंने आगे कहा, "हम समुद्री डाकुओं की तरह हैं. हम कुछ हद तक समुद्री डाकुओं जैसे हैं, लेकिन हम इसे खेल नहीं मानते."
लगभग दो सप्ताह पहले, ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी नौसैनिक ने नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश करने के बाद, एक अमेरिकी विध्वंसक पोत ने ओमान की खाड़ी में ईरानी झंडे वाले एक मालवाहक जहाज़ पर गोलीबारी की और फिर उसे ज़ब्त कर लिया, अमेरिकी समुद्री गतिविधियों की तुलना 'समुद्री डकैती' से करने वाला ट्रंप का बयान ऐसे समय में आया है जब क़ानूनी विशेषज्ञ ईरान के होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करने और उससे गुजरने वाले जहाज़ों पर टोल लगाने की योजनाओं के बारे में चेतावनी दे रहे हैं.उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान पर फिर हमला कर सकता है


