भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़े खुलासे किए। जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने बताया कि भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाकर बड़ी कार्रवाई की थी।

अधिकारियों के मुताबिक यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर इस अभियान की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।

'यह अंत नहीं, अभियान की शुरुआत है'

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह अभियान अंत नहीं, बल्कि सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई पूरी जिम्मेदारी, पेशेवर तरीके और देश की संप्रभुता व नागरिकों की सुरक्षा के प्रति मजबूत संकल्प के साथ आगे भी जारी रखेगा।

क्यों रोका गया ऑपरेशन?

वहीं एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि भारत ने अपने सभी सैन्य लक्ष्य हासिल करने के बाद ऑपरेशन को रोका। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अभियान का निशाना सिर्फ आतंकी ढांचा था और भविष्य में किसी भी आतंकी हमले या दुस्साहस का भारत की ओर से कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।

एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि 7 मई को भारत ने पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान की प्रतिक्रिया आने पर उसके सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।

11 एयरफील्ड और 13 विमान किए तबाह

एयर मार्शल भारती ने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 11 एयरफील्ड पर हमला किया और 13 विमानों को नष्ट किया। इनमें जमीन पर मौजूद और हवा में उड़ रहे विमान दोनों शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि एक हाई-वैल्यू एयरबोर्न एसेट को 300 किलोमीटर से अधिक दूरी से मार गिराया गया।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा सका। न तो भारतीय सैन्य ढांचे को गंभीर क्षति हुई और न ही नागरिक इलाकों को ज्यादा नुकसान पहुंचा। भारती ने कहा, "कहानी और बयानबाजी से जीत नहीं मिलती। जीत का फैसला तथ्यों से होता है।"

'हम पीछे हटे, लेकिन झुके नहीं'

ऑपरेशन रोकने के सवाल पर एयर मार्शल ने कहा कि भारत अपने सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका था। उन्होंने कहा कि भारत का निशाना सिर्फ आतंकवादी ढांचे और उनके समर्थन तंत्र को खत्म करना था। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान ने आतंकवाद का साथ दिया, तब भारत ने कड़ा जवाब दिया।

उनके मुताबिक भारत ने कार्रवाई तब रोकी जब पाकिस्तान की ओर से संघर्ष रोकने की मांग की गई। भारती ने कहा, "हम पीछे हटे, लेकिन झुके नहीं। संदेश साफ था कि आतंकवादी हरकतों का जवाब जरूर मिलेगा।"

पाकिस्तान के 100 से ज्यादा सैनिक मारे गए

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर हुई जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 100 से ज्यादा सैनिक मारे गए। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने कई सैनिकों को मरणोपरांत सम्मान भी दिए, जिससे नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकता है।

राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि भारत के संकल्प और रणनीतिक संयम का संदेश था। उन्होंने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया कि 'आत्मनिर्भर भारत' सिर्फ नारा नहीं, बल्कि सेना की ताकत बन चुका है। उनके मुताबिक भारत के 65 प्रतिशत से ज्यादा रक्षा उपकरण अब देश में ही बनाए जा रहे हैं।

नौसेना ने भी निभाई बड़ी भूमिका

वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि भारतीय नौसेना की तैनाती के कारण पाकिस्तान की नौसेना और वायुसेना को अपने तटीय इलाकों तक सीमित रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि भारत ने लंबी दूरी के सटीक हथियारों से पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर उसके 'परमाणु धमकी' वाले दावों की हवा निकाल दी। अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर फिलहाल 'रुका हुआ' है, लेकिन भारत की सैन्य तैयारी और सुधार लगातार जारी हैं।