इंदौर में कभी वो संकरी गलियां सीमेंट से पक्की रही होंगी। अब ये गलियां खुदाई से उधड़ी हुई हैं। जगह-जगह जेसीबी से खुदाई चल रही है, सड़कों पर लाल और नीले रंग के पानी के टैंकर दौड़ रहे हैं, और गलियां पानी-कीचड़ से भर गई हैं। ये इंदौर का भागीरथपुरा इलाका है, जहां अधिकांश लोग पिछले दिनों उल्टी-दस्त के शिकार रहे हैं। अस्पताल में अभी भी भर्ती हैं और जिंदगी-मौत के बीच झूल रहे हैं। कुछ अस्पताल से लौट आए हैं और सामान्य होने की कोशिश में हैं। लोगों में नाराजगी है कि इतनी मौतों उनकी वैसी सुनवाई या त्वरित कार्रवाई नहीं हो रही है जैसी होनी चाहिए। नेताओं, अधिकारियों के आने का सिलसिला जारी है, लेकिन पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
इस पूरे मसले पर मध्य प्रदेश के हाइकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने दायर जनहित याचिकाओं पर 6 जनवरी को सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त टिप्पणी की।इंदौर में दूषित पानी से जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने कहा कि ‘‘घटना से दुनियाभर में इंदौर की छवि को नुकसान पहुंचा है। देश का सबसे स्वच्छ शहर दूषित पानी की वजह से चर्चा का विषय बन गया। स्वच्छ पानी नागरिकों का मौलिक अधिकार है। दुखद है कि पूरे शहर में दूषित पानी वितरित हो रहा है।’’ कोर्ट ने ताकीद की कि ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
इंदौर में दूषित पानी से हाइकोर्ट ने निर्देश दिए कि तत्काल साफ पानी की व्यवस्था की जाए। कोर्ट ने प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी खर्च पर तुरंत साफ पानी की आपूर्ति के लिए कहा। तुरंत ही खराब और दूषित पाइपलाइनों, ओवरहेड टैंक और बोरवेल के पानी का उपयोग बंद करने के निर्देश दिए गए। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को अगली सुनवाई के लिए 15 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अपना पक्ष रखें और नई विस्तृत रिपोर्ट पेश करें क्योंकि अभी किए जा रहे काम अपर्याप्त हैं।
यह सातवां साल है, जब इंदौर ने लगातार देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीता है। अभी भी गली मुहल्ले में कचरा उठाने की मुहिम जारी है। इंदौर में सड़कें साफ दिखती हैं लेकिन इन साफ सड़कों के नीचे ड्रेनेज और पीने के पानी की पाइप लाइनें एक साथ चलती हैं। कहीं-कहीं तो आलम यह है कि ड्रेनेज चैंबर से बिलकुल सटे हुए या ऊपर नर्मदा जल के चैंबर बने हुए हैं। भागीरथपुरा में यही गलती जानलेवा साबित हुई। इंदौर मे नर्मदा पाइप लाइन में ड्रेनेज लाइन का पानी मिल गया और भयंकर हैजा फैल जाने से कई लोग मर गए।



