मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय राठी ने समालखा के पट्टीकल्याणा स्थित सेवा साधना केंद्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर क्षेत्र के संघचालक श्री पवन जिंदल से शिष्टाचार भेंट कर पत्रकारों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों, कल्याणकारी योजनाओं तथा लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक के दौरान संजय राठी ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकार अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं। लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन इसके बावजूद पत्रकारों को सुरक्षा, सामाजिक सम्मान तथा आर्थिक स्थिरता जैसी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून को शीघ्र लागू किया जाना चाहिए, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता को संरक्षण मिल सके।

संजय राठी ने कहा कि प्रदेश में नई मीडिया एक्रेडिटेशन कमेटी का गठन लंबे समय से लंबित है, जिसके कारण अनेक पत्रकारों को मान्यता संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार पारदर्शी एवं निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए जल्द नई एक्रेडिटेशन कमेटी का गठन करे।

उन्होंने सभी पत्रकारों के लिए कैशलेस उपचार योजना लागू करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पत्रकार दिन-रात समाज और राष्ट्रहित में कार्य करते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भी सरकार को गंभीरता से लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में घोषित योजनाओं को धरातल पर लागू न किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

संजय राठी ने पत्रकार पेंशन नियमों को सरल बनाने तथा बढ़ती महंगाई के अनुरूप पेंशन राशि में वृद्धि करने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पत्रकारों ने अपना पूरा जीवन समाज और लोकतंत्र की सेवा में समर्पित किया है, इसलिए उनके सम्मानजनक जीवनयापन की जिम्मेदारी सरकार की होनी चाहिए।

उन्होंने पुलिस द्वारा पत्रकारों पर झूठे और मनगढ़ंत मुकदमे दर्ज करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। राठी ने कहा कि कई बार निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों को दबाव में लाने के उद्देश्य से फर्जी एफआईआर दर्ज की जाती हैं, जो लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की आवाज दबाने के ऐसे प्रयास किसी भी स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं माने जा सकते।

इस अवसर पर श्री पवन जिंदल ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को मजबूत और जागरूक बनाने में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मीडिया की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज के सामने सच्चाई लाने का कार्य करते हैं और उनकी सुरक्षा तथा सम्मान सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।

बैठक के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, पत्रकारों के अधिकार, मीडिया की स्वतंत्रता तथा समाज में सकारात्मक संवाद को मजबूत बनाने जैसे विभिन्न विषयों पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।