दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार राज्य के नागरिकों को चल रही लू से बचाने के लिए कई कदम उठा रही है। रेखा गुप्ता ने कहा कि अब उन लोगों पर खास ध्यान दिया जाएगा जिन्हें ज्यादा खतरा है, जिनमें मजदूर और बाहर काम करने वाले लोग शामिल हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि बहुत ज्यादा गर्मी से सेहत को गंभीर खतरे हो सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गर्मी के असर को कम करने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करने की जरूरत है।

मजदूरों के लिए जरूरी है ब्रेक

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी मजदूरों को, चाहे वे प्राइवेट सेक्टर में हों या सरकारी सेक्टर में, दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे के बीच ब्रेक जरूर दिया जाना चाहिए, क्योंकि ये सबसे ज्यादा गर्मी वाले घंटे होते हैं। इस कदम का मकसद मजदूरों का सूरज से सीधा संपर्क कम करना और उन लोगों को गर्मी से जुड़ी बीमारियों, जैसे लू लगना और डिहाइड्रेशन से बचाना है, जो लंबे समय तक बाहर ही काम करते हैं।

इस मामले में, सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर पीने के पानी के कई इंतजाम कर दिए हैं। इसके अलावा, दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बसों में भी पानी की सुविधा शुरू की गई है। साथ ही, यात्रियों को पानी और ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) बांटने के लिए बस स्टॉप पर वॉलंटियर्स तैनात किए जा रहे हैं। ये कदम लू और ज्यादा तापमान की स्थिति में यात्रियों को राहत देने के लिए उचित कदम उठाए गए हैं।

हेल्थकेयर सिस्टम की भी तैयारी

इसके अलावा, लू की वजह से हेल्थकेयर सिस्टम को भी अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालों से कहा गया है कि वे लू से जुड़े मेडिकल मामलों को संभालने के लिए तैयार रहें ऐसा आदेश जारी किया गया है ताकि मरीज़ों को अस्पतालों के अंदर ऐसे कूलिंग एरिया बनाए जा रहे हैं, जहां गर्मी से परेशान मरीजों को तुरंत राहत मिल सके।

स्कूलों और सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त

दिल्ली के स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूल के समय में छात्रों को सुरक्षित रखने के लिए पीने के पानी और ORS की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसके अलावा, कई जगहों पर सुरक्षा के लिहाज़ से वॉलंटियर्स सूती मफलर बांट रहे हैं, ताकि लोग खुद को सूरज की तेज धूप से अपने आप को बचा सकें।